मेरे गुरुदेव चरणों पर
मेरे गुरुदेव चरणों पर,
सुमन श्रद्धा के अर्पित हैं,
तेरी ही देन है तेरा जो है,
वही चरणों में अर्पित है ।
न प्रीति है प्रतीति है,
नहीं पूजा की शक्ति है,
मेरा ये तन मेरा ये मन,
मेरा कण कण समर्पित है।
तू ख्वाबों में है, खयालों में है,
तू ही मेरी पुकारों में है,
बना ले यंत्र अब मुझ को,
मेरा सर्वस्व समर्पित है।
- योगदन्स ।