नारायण मैं शरण तुम्हारी
नारायण मैं शरण तुम्हारी,
दया करो महाराज हमारे।
तात मात सुत दारा सहोदर,
कोई न आवत काज हमारे,
दया करो महाराज...
भव सागर
जल दुस्तर भारी,
तुमको है अब
लाज हमारी,
दया करो महाराज,
भला करो महाराज...
पाप अनेक किये जग माहि,
तुमको है लाज हमारी...
ब्रह्मनाद दया तुम्हारी से,
सब दुख जावत
भाज हमारे,
दया करो महाराज...
- योगदन्स ।