भीतर अपने झांक बंदे गुरु मिलेंगे
भीतर अपने झांक बंदे गुरु मिलेंगे
तेरा इंतज़ार करते गुरु मिलेंगे
जाने कब से राह तकते गुरु मिलेंगे।
भटकेगा तू कब तक यूँ ही
माया के जंजालों में
उनपर सब कुछ वार दे बंदे गुरु मिलेंगे ।
अंदर झूमें गाएं
मीठी धुन तुझे सुनाएं
मन वीणा के तार
बजाने गुरु मिलेंगे।
मेरे अपने प्यारे बच्चे,
ऐसे गुरु तुझे पुकारें,
छाती से तुझको,
लगाने गुरु मिलेंगे।
बाहें फैलाये प्यार,
करने गुरु मिलेंगे।
प्रेम सुधा से तुझको,
भिगोने गुरु मिलेंगे।
... योगदन्स।