मुझे श्याम ऐसा घर देना
मुझे श्याम ऐसा घर देना,
जहां शाम सवेरे हो तेरा आना।
जो भोर की लाली फैले अंगना,
पायलिया बजाते आना।
जो फ़ूल खिले मेरे अंगना,
तुम फूलों में मुस्काना।
जो सांझ ढले दीपक जले,
मुरली बजाते तुम आना।
जो चांदनी बरसे मेरे अंगना,
राधे संग रास रचा जाना।
- योगदन्स ।