श्री श्री परमहंस योगानन्द जी

योगदा सत्संग सोसाइटी ऑफ इंडिया के संस्थापक एवं विश्व प्रसिद्ध पुस्तक योगी कथामृत के रचयिता श्री श्री परमहंस योगानन्द जी का नाम बीसवीं सदी के उत्कृष्ट अध्यात्मिक संतो में से प्रमुख है जिन्होंने संपूर्ण विश्व में भारत भूमि को अपने प्रेरणादायक जीवन व अध्यात्मिक ज्ञान से गौरवान्वित किया है।
परमहंस जी ने विश्व भर के अध्यात्मिक जिज्ञासूओं को ध्यान व क्रियायोग से परिचय करा कर उनके आध्यात्मिक उन्नति का मार्ग प्रशस्त किया है।
परमहंस जी द्वारा प्रसारित क्रिया योग की शिक्षाओं का अनुसरण कर असंख्य आत्माएं अपने जीवन में शांति, प्रेम व आनंद की अनुभूति प्राप्त कर समस्त विश्व को आंतरिक सामंजस्यता व आध्यात्मिक समरसता की ओर प्रेरित करने में सहायता प्रदान कर रहे हैं।

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प्रेरणास्पद विचार

फरवरी 15 – दिव्य प्रेम (परमहंस योगानंद जी के ज्ञान विरासत से प्रत्येक दिन के लिए प्रेरणास्पद विचार)	 फरवरी 15 – दिव्य प्रेम (परमहंस योगानंद जी के ज्ञान विरासत से प्रत्येक दिन के लिए प्रेरणास्पद विचार)
February 15 – Divine Love (An inspiration By Sri Sri Paramhansa Yogananda)


दिव्य आनंद में निमग्न हों

योगी कथामृत

योगदा सत्संग सोसाइटी ऑफ इंडिया के संस्थापक एवं विश्व प्रसिद्ध पुस्तक योगी कथामृत के रचयिता श्री श्री परमहंस योगानन्द जी का नाम बीसवीं सदी के उत्कृष्ट अध्यात्मिक संतो में से प्रमुख है जिन्होंने संपूर्ण विश्व में भारत भूमि को अपने प्रेरणादायक जीवन व अध्यात्मिक ज्ञान से गौरवान्वित किया है।

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ऑनलाइन ध्यान सेवा

गौरवपूर्ण क्षण